गुरु दीक्षा के प्रकार

शास्त्र सम्मत गुरु दीक्षा के तीन भेद वर्णित है | 1. ब्रह्म दीक्षा 2. शक्ति दीक्षा और 3. मंत्र दीक्षा |  ब्रह्म दीक्षा : –  इसमें गुरु साधक को दिशा निर्देश व सहायता कर उसकी कुंडलिनी को प्रेरित कर जाग्रत करता है |और ब्रह्म नाड़ी के माध्यम से परमशिव में आत्मसात करा देता है | इसी दीक्षा को… Read More »

शनिदेव पूजा विधि ! शनि दोष दूर करने के लिए इस प्रकार करें शनि पूजन

हिन्दू धर्म में शनि देव को आपके कर्मो के फल देने वाले देव के रूप में जाना जाता है | शनि देव एकमात्र ऐसे देव है जो जातक को उसके कर्म के अनुसार फलीभूत करते है और दण्डित भी करते है | यह जातक के कर्मो के अनुसार निर्णित किया जाता है कि उसने किस प्रकार के कर्म… Read More »

शनि-राहु और केतु , तीनों दोषों को एक साथ दूर करने का उपाय

ज्योतिष के अनुसार शनि, राहु और केतु गृह जातक को अलग-अलग प्रकार से समयनुसार पीड़ित करते है | जब इन तीनों ग्रहों की दशा और महादशा होती है तो जातक बुरी तरह से समस्याओं से घिरने लगता है | रोगों से पीड़ित होने लगता है | व्यवसाय में हानि होने लगती है | शुत्र बनने लगते है |… Read More »

कब्ज दूर करने की आयुर्वेदिक दवाइयाँ(Medicines) List

आज के आधुनिक युग में कब्ज एक आम समस्या बन गयी है | लेकिन समय पर कब्ज का उपचार न करने पर यह और भी बहुत सी गंभीर बिमारियों का कारण बन सकती है | इसलिए कब्ज को लम्बे समय तक न रहने दे | सही समय पर रोग का निदान करने से आप न केवल स्वयं को… Read More »

जन्मकुंडली में राहु के शुभ और अशुभ प्रभाव

राहु चन्द्र का पति है | अंग्रेजी में इसे Dragon’s Head यानि सांप के फन की संज्ञा दी है | ज्योतिष में इसे शनि का एजेंट भी कहा गया है | शनि एक लम्बा चौड़ा सांप है और राहु उसका फन है | इससे जाहिर होता है कि राहु दुष्ट छाया गृह है | राहु का रंग नीला… Read More »

जन्मकुंडली में सूर्य के शुभ और अशुभ फल कैसे जाने ?

अपनी उर्जा और प्रकाश से सूर्य चराचर जगत को पोषण देता है | सूर्य के आदिदेव विष्णु है | सूर्य हमेशा पूर्व से निकलकर पश्चिम में डूबता है | एक मार्ग से उसका भ्रमण दिखाई देता है | उसका गंतव्य अज्ञात है | वह न अपना मार्ग बदलता है और न कभी पीछे कदम हटाता है | सूर्य… Read More »

कैसे जाने, कुंडली में मंगल शुभ फल देने वाला है या अशुभ

मंगल गृह के विषय में यह विशेषता है कि यह या तो शुभ फल देने वाला होता है या फिर अशुभ फल देने वाला होता है | यह कभी भी मध्यम नहीं होता | इस गृह की शुभता या अशुभता दोनों ही पहले दर्जे की होती है | यदि मंगल की शुभ द्रष्टि रहती है तो अव्वल दर्जे… Read More »

एसिडिटी दूर करने करने के Tips व घरेलु उपचार

एसिडिटी दिखाई देने में जितनी सामान्य सी बीमारी है वास्तविक रूप में यह उतने ही खतरनाक परिणाम सामने लेकर आती है | एसिडिटी की बीमारी जीवन भर चलने वाली बीमारी है | जिन लोगों को महीने में एक या दो बार एसिडिटी हो जाती है उनके लिए जीवन भर अपनी आहार शैली के प्रति जागरूक होने की आवश्कता… Read More »

पाँच मुखी रुद्राक्ष के लाभ -सिद्ध व पहनने की विधि

पांच मुखी रुद्राक्ष साक्षात् रूद्र अवतार है | इसके अधिपति गृह ब्रहस्पति देव है | इसलिए ज्योतिष के अनुसार ब्रहस्पति कमजोर होने पर पांच मुखी रुद्राक्ष को धारण किया जाना चाहिए | जो सच्चे शिवभक्त होते है उन्हें पांच मुखी रुद्राक्ष की माला अवश्य धारण करनी चाहिए | पांच मुखी रुद्राक्ष के प्रति भगवान शिव का विशेष लगाव… Read More »

राशि अनुसार जाने आपके लिए सही रुद्राक्ष कौन सा है ?

रुद्राक्ष भगवान शिव के अंश है | इन्हें गले में धारण करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है | व्यक्ति का धार्मिक कार्यों के प्रति मन लगने लगता है | रुद्राक्ष एक से लेकर 14 मुखी तक आपको देखने को मिल जायेंगे | 14 मुखी से भी अधिक रुद्राक्ष होते है किन्तु ये सामान्य रूप… Read More »