एकादशी व्रत के लाभ

By | March 4, 2022

हिन्दू धर्म में यूँ तो संकड़ों व्रत आते है और उनका अलग-अलग महत्व भी है किन्तु शारीरिक व मानसिक रूप से स्वयं को स्वस्थ बनाये रखने हेतु एकादशी व्रत का बड़ा महत्व माना गया है | प्रति मास एकादशी व्रत दो बार आता है : शुक्ल पक्ष एकादशी व्रत व कृष्ण पक्ष एकादशी व्रत | वैशाख मास में आने वाले एकादशी व्रत/Ekadashi Vrat Ke Labh की महिमा सबसे अधिक मानी गयी है |

एकादशी व्रत रखने से शरीर व मन दोनों संतुलित रहते है, यश की प्राप्ति होती है | एकादशी व्रत/Ekadashi Vrat Ke Labh के मुख्य देव भगवान श्री विष्णु माने गये है व इस दिन उनकी पूजा का विधान मिलता है | इस दिन सबसे पहले प्रातः उठाकर स्नान आदि करके सूर्य देव को अर्ध्य देना चाहिए | तत्पश्चात भगवान श्री राम की उपासना करनी चाहिए | आप इस दिन भगवान श्री राम के इस मंत्र का जप भी कर सकते है : ॐ राम रामाय नमः   |

ekadashi vrat ke labh

एकादशी के व्रत रखने वाले जातक इस दिन विशेष रूप से ऐसा कोई भी कार्य न करे जिससे मानव का अहित हो | इस दिन क्रोध न करें, असत्य न बोले व शांत रहने का प्रयत्न करें | मन में ईश्वर का स्मरण करते है व नियम अनुसार व्रत का पालन करना चाहिए |

Ekadashi Vrat Ke Labh

एकादशी व्रत के लाभ :

एकादशी व्रत रखने से व्यक्ति मोह-माया से दूर होने लगता है | आकस्मिक दुर्घटनाओं से छुटकारा मिलता है | पाप कम होते है व मन शांत रहने लगता है | हर प्रकार के सुख प्राप्त होते है | विवाह में आने वाली बाधा दूर होती है | धन व सम्रद्धि आती है | भाग्य उदय होता है | पुत्र प्राप्ति होती है | इस प्रकार से एकादशी व्रत सम्पूर्ण प्रकार से आपको सुख की प्राप्ति कराता है |

जो लोग शरीर में रोगों से परेशान है व शत्रुओं से परेशान है उन्हें भी एकादशी व्रत/Ekadashi Vrat Ke Labh रखने से चमत्कारी फल की प्राप्ति होती है | एकादशी व्रत को पूर्ण भगवान श्री विष्णु जी के प्रति पूर्ण निष्ठा व समर्पण भाव के साथ करना चाहिए | बिना पवित्र भाव के आपका व्रत रखना व्यर्थ हो सकता है |