कृष्ण जी के मंत्र

|| भगवान श्री कृष्ण मंत्र संग्रह ||

भगवान श्री विष्णु के सभी अवतारों में से 2 अवतार भारत देश के साथ – साथ पूरी दुनिया में प्रचलित हुए है | जिनमें से सातवें अवतार श्री राम और आठवें अवतार श्री कृष्ण हुए है | भगवान श्री कृष्ण द्वारा दिए गये जीवन के उपदेश पूरी मानव जाति के लिए प्रेरणा के स्त्रोत है | श्री कृष्ण को देवकीनंदन , वासुदेव व बालगोपाल के नाम से भी जाना जाता है | श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया भगवत गीता का ज्ञान हिन्दू धरम के साथ -साथ पूरी दुनिया में प्रचलित है |

मंत्र साक्षात देवताओं के स्वरुप होते है और मंत्र द्वारा देव पूजन शीघ्र फलदायी होता है | भगवान श्री कृष्ण की आराधना करने से वे शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों का कल्याण करते है | तो आइये जानते है भगवान श्री कृष्ण के कुछ प्रभावशाली और शीघ्र फल देने वाले मंत्रों के विषय में :

भगवान श्री कृष्ण के मंत्र : –

 कृं कृष्णाय नमः 

इसे श्री कृष्ण का मूल मंत्र कहा जाता है | यदि आपका धन कहीं ऐसी जगह फस गया है और आने की सम्भावना नहीं बन रही है तो इस मंत्र का जाप नियमित रूप से करें, शीघ्रे ही धन के वापिस आने के द्वार खुलने लगेंगे | इसके साथ – साथ घर में सुख -शांति के लिए भी इस मंत्र का जाप करना चाहिए | व्यापार और रोजगार में आने वाली सभी रुकवाटे इस मंत्र के जाप से शीघ्र दूर होती है |

गोकुल नाथाय नमः 

इस मंत्र के नियमित जाप से परिवार में सभी प्रकार से सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है | और श्रीकृष्ण जी की विशेष कृपा सदैव आप पर बनी रहती है |

ॐ श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा

इसे कृष्ण जी का सप्ताक्षर सिद्ध मंत्र भी कहा जाता है | यदि किसी भी कार्य में रूकावट आ रही हो तो इस मंत्र का जाप करना चाहिए | विशेष फल प्राप्ति हेतु धरम शास्त्रों में इस मंत्र के 5 लाख जाप का प्रावधान  मिलता है |

ॐ कृष्ण कृष्ण महाकृष्ण सर्वज्ञ त्वं प्रसीद मे | रमारमण विद्येश विद्यामाशु प्रयच्छ मे |

33 अक्षरों वाला यह मंत्र श्री कृष्ण को बहुत ही प्रिय माना गया है | इस मंत्र के जाप से सोंदर्य , वाणी में मधुरता के साथ – साथ सद्बुद्धि और मान -सम्मान मिलता है | इस मंत्र के जाप को गोपनीय रखना चाहिए | मंत्र जाप के समय किसी को भी पता नही होना चाहिए |

क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नमः | 

यदि कोई व्यक्ति आर्थिक समस्या से जूझ रहा है तो उसे इस मंत्र के जाप अवश्य करना चाहिए | इस मंत्र के निरंतर जाप से घर में आर्थिक समस्या दूर होकर धन की वृद्धि होती है | प्रतिदिन पूजा के समय 108 बार इस मंत्र के जाप करें |

ॐ नमो भगवते नन्दपुत्राय आनन्दवपुषे गोपीजनवल्लभाय  स्वाहा |

इस मंत्र के नियमित जाप से पुत्र संबंधी योग बनते है | यदि संतान नहीं हो रही हो तो ऐसे में इस मंत्र का जाप बहुत ही लाभप्रद है |

ॐ नमो भगवते  श्रीगोविन्दाय |

इस मंत्र के जाप से विवाह संबंधी योग बनते है | यदि किसी कारण वश विवाह में विलम्ब हो रहा है | या फिर कोई जातक प्रेम विवाह में इच्छुक है और कोई अड़चन आ रही है तो इस मंत्र का 108 बार जाप प्रतिदिन करें |

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