मंत्र सिद्धि व पूजा -पाठ में भय की अनुभूति होने पर सुरक्षा चक्र कैसे बनाये ?

By | October 12, 2017

कभी -कभी मंत्र सिद्धि के समय या फिर किसी विशेष पूजा -पाठ के समय भय की अनुभूति होने लगती है | ऐसे में साधक को बाहरी शक्तियां परेशान करने लगती है | सभी मंत्र सिद्धि में ऐसा नहीं होता है किन्तु कुछ मंत्र ऐसे होते है जिन्हें सिद्ध करते समय साधक से आस -पास नकारात्मक शक्तियां अपना प्रभाव दिखाना प्रारंभ कर देती है | मंत्र सिद्धि के साथ – साथ कुछ पूजा -पाठ भी ऐसे होते है जो किसी विशेष बाधा निवारण के उद्देश्य से किये जाते है ऐसे में इन पूजा -पाठ को करते समय साधक यदि अपने आस -पास सुरक्षा चक्र नहीं बनाता है तो बाहरी शक्तियां अहित पहुंचा सकती है | प्रत्येक साधक को मंत्र oसिद्धि व पूजा -पाठ के समय भय की अनुभूति न हो इसके लिए पहले ही सुरक्षा चक्र बना लेना चाहियें |  ⇒ || हनुमान जी के साक्षात् दर्शन के लिए इस शाबर मंत्र द्वारा करें साधना || ⇐

ऐसी मंत्र सिद्धियाँ , जिनमें भय की अनुभूति सामान्य से अधिक होती है : –

किसी भी देव मंत्र को सिद्ध करते समय जब मंत्र सिद्ध होने लगते है तो प्रारम्भ में अधिकतर साधक अपने आस -पास उस दैवीय शक्ति को डर या भय के रूप में देखने लगते है | किन्तु वास्तव में ये शक्तियां साधक को किसी प्रकार का अहित पहुचाने नहीं बल्कि यह अहसास कराना चाहती है कि साधक अपनी साधना में सफलता की ओर बढ़ रहा है | 

मंत्र सिद्धि व पूजा -पाठ में भय की अनुभूति होने पर सुरक्षा चक्र कैसे बनाये

कुछ मंत्र साधनाएँ (सिद्धियाँ ) ऐसी भी होती है तो जो पूर्ण रूप से साधक को साधना करने से रोकती है | ये नकारात्मक प्रकति की हो सकती है | इस प्रकार की साधना में प्रथम दिन से ही भय की अनुभूति होने लगती है | ऐसे में साधक का बिना किसी सुरक्षा चक्र व गुरु की देख -रेख में साधना करना उसके जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है | इन खतरनाक सिद्धियों में : वो सभी सिद्धियाँ आती है तो तांत्रिक प्रकति की होती है और जिनको किसी एकांत जगह पर किया जाता हो | इसके अतिरिक्त : तांत्रिक भैरव सिद्धि , महाकाली सिद्धि , यक्षिणी साधना , अप्सरा साधना ऐसी बहुत सिद्धियाँ है जिनको बिना सुरक्षा चक्र और बिना गुरु के करना खतरनाक हो सकता है |

पूजा -पाठ के समय भय की अनुभूति : – 

धरम शास्त्रों के अनुसार सभी पूजा -पाठ शुभ फल देने वाले होते है | देवों का आशीर्वाद पाने के साथ – साथ विशेष कार्य की सिद्धि के लिए भक्तों द्वारा समय -समय पर पूजा -पाठ का आयोजन किया जाता है | जब कभी व्यक्ति किसी (बाहरी पीड़ा व बाधा )नकारात्मक शक्ति की गिरफ्त में आ जाता है तो ऐसे में विशेष पूजा -पाठ का आयोजन कर अपने कष्टों का निवारण करता है | इस प्रकार की विशेष पूजा -पाठ में पूजा के समय नकारात्मक शक्ति किसी भी समय अपना प्रभाव दिखा सकती है | इसलिए इस प्रकार की पूजा से पहले सुरक्षा चक्र बनाना अति अनिवार्य हो जाता है |

पूजा -पाठ के समय सुरक्षा चक्र बनाने की विधि :- 

मंत्र सिद्ध करते समय या पूजा -पाठ से समय सुरक्षा चक्र बनाने के लिए पूजा पर बैठने से पहले एक पताशे में छोटा सा  छेद करके उसमें पूजा में प्रयोग होने वाला सिन्दूर डाल ले | अब इस पताशे को अपने आसन के नीचे रख दे | और फिर आसन पर बैठ जाये , आपके बैठने से पताशा टूट जायेगा, यह ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है | आसन पर बैठने के पश्चात् हाथ में थोडा जल लेकर अपने चारों तरफ घुमा कर डाल दे | अब आप पूजा शुरू कर सकते है | किसी भी प्रकार की नकारात्मक शक्ति अब आपको परेशान नहीं करेगी |

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पूजा से उठने के पश्चात् इस टूटे हुए पताशे और सिन्दूर को एक गिलास पानी में डालकर घर से बाहर डाल दे | मंत्र सिद्धि और पूजा -पाठ में भय की अनुभूति होने पर इस सुरक्षा चक्र का प्रयोग साधक को अवश्य करना चाहिए | मंत्र सिद्धि और विशेष पूजा -पाठ को किसी अनुभवी गुरु की देख -रेख में करना अधिक उचित होता है |

⇒ || पूजा -पाठ का सम्पूर्ण फल पाने के लिए , इस प्रकार संकल्प लेना है जरुरी || ⇐

 


 

 

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