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गलत तरीके से कमाया गया धन, आपकी खुशियों को ले डूबता है

आज के समय में हर व्यक्ति धन प्राप्ति की चाह में इस तरह से अंधा बन गया है कि उसके पास यह चिंतन करने का ही समय नहीं है कि वह जिस मार्ग द्वारा वह धन अर्जित कर रहा है, क्या नैतिक द्रष्टि से वह उचित है ? धन की देवी को लक्ष्मी कहा गया है | माँ… Read More »

परहित से बढ़कर और कोई धर्म नहीं !

Sabse Bada Dharam Kya Hai यदि भक्ति की समग्र व्याख्या की जाए तो यह अपने आराध्य देव के सम्मुख बैठ कर केवल कुछ प्रार्थना करना, मांग लेना अथवा पुजन के आयोजन को दूसरों के सामने प्रकट करना नहीं है | आज के समय में भक्ति प्रदर्शन से अधिक जुड़ गयी है | कई भक्ति यह चाहते है कि… Read More »

Interview में सफलता पाने के अचूक टोटके

वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा इतनी अधिक बढ़ गयी है कि एक आम इंसान के लिए नौकरी प्राप्त करना जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य बन गया है | एक समय था जब थोड़े से प्रयत्न के बाद आसानी से नौकरी मिल जाती थी | लेकिन आज तो नौकरी प्राप्त करने के जो समीकरण है वे आपके सामने है |… Read More »

गुरु कैसे बनाये ? इस दुनिया में एक से बढ़कर एक गुरु ! लेकिन सच्चा कौन ?

गुरु कैसे  बनाये /Guru Kaise Banaye : यदि हमने किसी को गुरु नहीं बनाया है तो हमारा कल्याण कैसे होगा ? मन में यह भावना लेकर स्थान-स्थान पर गुरु का परीक्षण करने के लिए चल पड़े | किसी भी व्यक्ति में कोई गुण नजर नहीं आया | जिसे भी ज्ञानी-गुनी समझा उसमें कोई न कोई कमी नजर आई… Read More »

धर्म के बाद क्या ? जीवन को पूर्ण आनंदित कैसे बनायें ?

धर्म के बारे में हमने आपको बताया वह कर्म वह विचार जो आपकी आत्मा को परमात्मा को ओर ले जाए, धर्म है | अब हमने किसी भी धर्म को अपनाया इसके बाद क्या करें कि हमारी निकटता परमात्मा से बनी रहे | धर्म के बाद आता है योग | योग का नाम लेते ही आपकी सोच एक अलग… Read More »

पितृऋण क्या है ? जन्म कुंडली में पितृऋण की पहचान कैसे करें ?

हमारे पितरों( पूर्वजों) का क्रियाकर्म आदि विधि सम्मत ढंग से नहीं किये जाने पर पितर हमें सताते है | इसे ही पितृऋण/(Pitra Rin in Hindi) कहते है | पितृऋण का सबसे बड़ा सिद्धांत है – ‘ करे कोई, भरे कोई ‘ | पिता की गलती का परिणाम पुत्र को भोगना होता है | अनजाने में महाराज दशरथ ने… Read More »

धर्म क्या है ? और अधर्म क्या है ?

मनुष्य के द्वारा किया हुआ हर वह कार्य जिससे सृष्टि के रचियता परमपिता परमेश्वर की निकटता बढ़ने का अहसास होता है – धर्म कहलाता है | ठीक इसके विपरीत जिस कार्य के करने से आत्मा और परमात्मा की दूरियाँ बढ़ने लगे – अधर्म(Dharm Adharm Kya Hai) कहलाता है | अब आप कैसे जानेगें कि परमात्मा से निकटता बढ़… Read More »

क्या पुण्य करने से पाप नष्ट होते है ? सबसे बड़ा पुण्य क्या है ?

हिन्दू धर्म पुनर्जन्म में विश्वास रखता है | हिन्दू धर्म के अनुसार इस जन्म में किये कर्मों का फल जातक आने वाले जन्म में प्राप्त करता है | वर्तमान समय में आने वाली पीड़ाएं और दुःख भी जातक के पिछले जन्मों के कर्मों का ही फल होता है | मानव योनी को प्राप्त करना भी जातक के पुण्यों… Read More »

सकारात्मक सोच, खुशहाल जीवन जीने का मूल मंत्र

भगवान द्वारा प्राप्त सबसे मूल्यवान उपहार यह मानव शरीर ही तो है | अन्य जीवों की अपेक्षा भगवान ने मानव को एक ख़ास चीज़ प्रदान की है बुद्धि | बुद्धि(मस्तिष्क) के बल पर मानव असंभव कार्यों को भी संभव कर दिखाता है | एक अच्छा और सुविधाजनक जीवन जीने की कला भी इस बुद्धि की देन है |… Read More »

चाँदी की अँगूठी धारण करने से होने वाले लाभ

चाँदी धातु को सात्विक और शीतल माना गया है | चाँदी धातु मूल्य में भले ही सोने से कम हो किन्तु गुणों में सोने से कहीं अधिक है | चाँदी धारण करने से चन्द्र देव और शुक्र गुरु का आशीर्वाद मिलता है | चाँदी और सोने के आभूषण आमतौर पर महिलायें और पुरुष अपने सौंदर्य को निखारने के… Read More »