Category Archives: ज्योतिष शास्त्र

सूर्य ग्रहण के समय शाबर मंत्र सिद्ध करने की विधि

सूर्य ग्रहण व चन्द्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है चन्द्रमा व पृथ्वी दोनों ग्रहों के ठीक सामने आने से घटित होता है | ज्योतिष द्रष्टि से ग्रहण काल का समय बहुत महत्व रखता है | सूर्य ग्रहण हो या फिर चन्द्र ग्रहण जब यह घटना होती है तो इनका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है | यह राशियों… Read More »

शनि महादशा के समय सभी ग्रहों की अन्तर्दशाओं के शुभ एवं अशुभ फल

ज्योतिष के अनुसार शनि गृह की महादशा एवं महादशा के समय सभी ग्रहों की अन्तर्दशा से जातक के जीवन से सुख और दुखों का विश्लेषण बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है | ज्योतिष द्रष्टि से एक जातक की उम्र 120 वर्ष मानी गयी है | इस 120 वर्ष काल में जातक की कुंडली में सभी ग्रहों… Read More »

ग्रहों की महादशा-अन्तर्दशा के विषय में जानकारी

एक जातक अपनी जन्म कुंडली में विंशोत्तरी दशा सारणी के माध्यम से यह पता लगा सकता है कि कब और किस समय कौन से गृह की महादशा का प्रभाव उसके जीवन पर होने वाला है | एक जातक की कुंडली में जब कोई गृह सबसे अधिक प्रभावशाली होता है तो वह उस गृह की महादशा/Grah ki Mahadasha कहलाती… Read More »

इस प्रकार से चढ़ाये पीपल में जल, बनने लगेंगे सभी अटके कार्य

जीवन में सुख-दुःख समय-समय पर आते रहते है | ऐसा कोई मनुष्य नहीं जिसनें कभी जीवन में दुःख न देखे हो या फिर कभी परेशानियों का सामना न किया हो | कभी-कभी कुछ कार्य ऐसे होते है जो समय पर पूर्ण नहीं हो पते है या फिर कोई न कोई बाधा या अड़चन कार्य को पूरा नहीं होने… Read More »

कुंडली में राहु की महादशा के लक्षण और उपाय

ज्योतिष शास्त्र में राहु को छाया गृह माना गया है | राहु की महादशा और अन्तर्दशा में यह शनि गृह की अपेक्षा कहीं अधिक हानिकारक सिद्ध होता है | राहु एक पाप गृह है इस गृह की छाया मात्र से ही मनुष्य की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है | ज्योतिष के अनुसार ऐसा माना जाता है कि हर… Read More »