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Husband Vashikaran Mantra | पति को वश में करने का प्रभावशाली मंत्र |

प्राचीन काल से ही कार्यों को सिद्ध करने के लिए वशीकरण विद्या का प्रयोग किया जाता रहा है | वशीकरण विद्या का प्रयोग हिन्दू धरम में नहीं अपितु सभी धर्मों में समय-समय पर किया जाता रहा है | वशीकरण के माध्यम से किसी भी पुरुष या महिला को अपने वश में कर अपने कार्य को सिद्ध किया जा… Read More »

परहित से बढ़कर और कोई धर्म नहीं !

Sabse Bada Dharam Kya Hai यदि भक्ति की समग्र व्याख्या की जाए तो यह अपने आराध्य देव के सम्मुख बैठ कर केवल कुछ प्रार्थना करना, मांग लेना अथवा पुजन के आयोजन को दूसरों के सामने प्रकट करना नहीं है | आज के समय में भक्ति प्रदर्शन से अधिक जुड़ गयी है | कई भक्ति यह चाहते है कि… Read More »

Interview में सफलता पाने के अचूक टोटके

वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा इतनी अधिक बढ़ गयी है कि एक आम इंसान के लिए नौकरी प्राप्त करना जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य बन गया है | एक समय था जब थोड़े से प्रयत्न के बाद आसानी से नौकरी मिल जाती थी | लेकिन आज तो नौकरी प्राप्त करने के जो समीकरण है वे आपके सामने है |… Read More »

गुरु कैसे बनाये ? इस दुनिया में एक से बढ़कर एक गुरु ! लेकिन सच्चा कौन ?

गुरु कैसे  बनाये /Guru Kaise Banaye : यदि हमने किसी को गुरु नहीं बनाया है तो हमारा कल्याण कैसे होगा ? मन में यह भावना लेकर स्थान-स्थान पर गुरु का परीक्षण करने के लिए चल पड़े | किसी भी व्यक्ति में कोई गुण नजर नहीं आया | जिसे भी ज्ञानी-गुनी समझा उसमें कोई न कोई कमी नजर आई… Read More »

भैरव के साथ में काला कुकुर(कुत्ता) क्यों ?

भैरव का अर्थ है भय का नाश करने वाला ! जब किसी भी अन्य साधनों के द्वारा मनुष्य का जीवन सुखमय नहीं हो, तब भैरव को प्रसन्न करने पर उसे चमत्कारी फल मिलने लगता है | शत्रुओं के भय का नाम भैरव है | परन्तु आपने देखा होगा भैरव के साथ में एक काला कुकुर(Bhairav ki Sawari Kala… Read More »

धर्म के बाद क्या ? जीवन को पूर्ण आनंदित कैसे बनायें ?

धर्म के बारे में हमने आपको बताया वह कर्म वह विचार जो आपकी आत्मा को परमात्मा को ओर ले जाए, धर्म है | अब हमने किसी भी धर्म को अपनाया इसके बाद क्या करें कि हमारी निकटता परमात्मा से बनी रहे | धर्म के बाद आता है योग | योग का नाम लेते ही आपकी सोच एक अलग… Read More »

पितृऋण क्या है ? जन्म कुंडली में पितृऋण की पहचान कैसे करें ?

हमारे पितरों( पूर्वजों) का क्रियाकर्म आदि विधि सम्मत ढंग से नहीं किये जाने पर पितर हमें सताते है | इसे ही पितृऋण/(Pitra Rin in Hindi) कहते है | पितृऋण का सबसे बड़ा सिद्धांत है – ‘ करे कोई, भरे कोई ‘ | पिता की गलती का परिणाम पुत्र को भोगना होता है | अनजाने में महाराज दशरथ ने… Read More »

धर्म क्या है ? और अधर्म क्या है ?

मनुष्य के द्वारा किया हुआ हर वह कार्य जिससे सृष्टि के रचियता परमपिता परमेश्वर की निकटता बढ़ने का अहसास होता है – धर्म कहलाता है | ठीक इसके विपरीत जिस कार्य के करने से आत्मा और परमात्मा की दूरियाँ बढ़ने लगे – अधर्म(Dharm Adharm Kya Hai) कहलाता है | अब आप कैसे जानेगें कि परमात्मा से निकटता बढ़… Read More »

रत्न क्या होते है ? ज्योतिष शास्त्र में रत्न का महत्व ! किस राशि के स्वामी को कौन सा रत्न धारण करना चाहिए

रत्न दिखाई देने में खनिज का एक ऐसा टुकड़ा है जिसे पोलिश, कटाई आदि के बाद दिखने में सुंदर और आकर्षक बना दिया जाता है | वैसे तो इस धरती पर बहुत से रत्न है किन्तु विशेष रूप से 9 रत्न सार्वधिक प्रचलित और अधिक पहने जाते है | सभी रत्न अपने आप में एक दुर्लभ पत्थर होते… Read More »

क्या पुण्य करने से पाप नष्ट होते है ? सबसे बड़ा पुण्य क्या है ?

हिन्दू धर्म पुनर्जन्म में विश्वास रखता है | हिन्दू धर्म के अनुसार इस जन्म में किये कर्मों का फल जातक आने वाले जन्म में प्राप्त करता है | वर्तमान समय में आने वाली पीड़ाएं और दुःख भी जातक के पिछले जन्मों के कर्मों का ही फल होता है | मानव योनी को प्राप्त करना भी जातक के पुण्यों… Read More »