Category Archives: पौराणिक कहानियाँ

हम भगवान कृष्ण को जिस रूप में प्राप्त करने का यत्न करते है वे हमें उसी रूप में स्वीकार करते है

इस भौतिक संसार में मित्रता कुछ वर्षों तक चलती है और फिर टूट जाती है, इसलिए इस विकृत, अस्थायी और अवास्तविक कहते है | यदि हम कृष्ण से मित्रता स्थापित करें, तो वह कभी नहीं टूटेगी | यदि हम कृष्ण को अपना स्वामी बना ले, तो हम कभी धोखा नहीं खायेंगे | यदि हम कृषण को पुत्र के… Read More »

इस संसार को चलाने वाली शक्ति से परिचय

यदि हम धैर्य तथा सावधानीपूर्वक इस अद्भुत ब्रह्माण्ड के विषय में विचार करें तो हम देख सकते है कि सब कुछ एक सर्वश्रेष्ठ मष्तिष्क के नियंत्रण में कार्यरत है | प्रकृति में सभी क्रियाएं पूर्ण रूप से क्रम बद्ध है(Krishan Updesh)| यदि इसके पीछे एक वैज्ञानिक तथा तकनीकी मष्तिष्क की अत्यंत सुव्यवस्थित योजना न होती तो सब कुछ… Read More »

भैरव जी और हनुमान जी का नाम सुनते ही भूत क्यों भागने लगते है ?

तन्त्र विद्या में भैरव जी को एक विशेष देव स्थान प्राप्त है | अनेक तांत्रिक भैरव जी की शक्ति प्राप्त करके उनकी सिद्धि शक्ति से भूतों को भगाने में सफल होते है | भूत विद्या में भैरव शक्ति सबसे उपयोगी मानी जाती है | भैरव जी का काला रूप ही भूतों को भगाने का साधन माना गया है… Read More »

राम नाम की महिमा – पौराणिक कहानी

भगवान श्री राम का नाम अपने आप में एक नाम भी है और एक मंत्र भी | भगवान श्री राम की आराधना करने वाले भक्त के सभी कार्य स्वयं ही सिद्ध हो जाते है | भगवान श्री राम के नाम में ही इतनी शक्ति है जिसके स्मरण मात्र से अटके से अटका काम भी बनने लग जाता है… Read More »

जब हनुमान जी ने शनिदेव का घमंड किया दूर | शनिदेव को तेल क्यों चढ़ाया जाता है ?

भगवान श्री राम के सबसे बड़े भक्त हनुमान जी है | हनुमान जी सदैव भगवान श्री राम की भक्ति में लीन रहते है | जय श्री राम के नाम का जप ही उन्हें असीमित शक्तियों का मालिक बनाता है | इसलिए कोई भी विकट समस्या आने पर वे सिर्फ राम नाम के सहारे ही उससे निजात पा लेते… Read More »

भगवान शिव की उपासना सोमवार के दिन ही क्यों ?

शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव की उपासना सप्ताह के प्रत्येक दिन फल देने वाली है तो फिर ऐसा क्या कारण है कि भगवान शिव की उपासना के लिए सोमवार का दिन विशेष फल देने वाला है | ऐसा प्रतीत होता है कि मनुष्य मात्र को सम्पत्ति से अत्यधिक प्रेम होता है | इसलिए उसने शिव के लिए सोमवार… Read More »

भगवान शिव ने काल की रचना कैसे की ?

शिव महापुराण के अनुसार प्राणियों की आयु का निर्धारण करने के लिए महाकाल भगवान शंकर ने काल की कल्पना की | उसी से ही ब्रह्मा से लेकर अत्यंत छोटे जीवों तक की आयुष्य(आयु) का अनुमान लगाया जाता है | उस काल को ही व्यवस्थित करने के लिए महाकाल ने सप्तवारों की कल्पना की | सबसे पहले ज्योतिष स्वरुप… Read More »

भैरव के साथ में काला कुकुर(कुत्ता) क्यों ?

भैरव का अर्थ है भय का नाश करने वाला ! जब किसी भी अन्य साधनों के द्वारा मनुष्य का जीवन सुखमय नहीं हो, तब भैरव को प्रसन्न करने पर उसे चमत्कारी फल मिलने लगता है | शत्रुओं के भय का नाम भैरव है | परन्तु आपने देखा होगा भैरव के साथ में एक काला कुकुर(Bhairav ki Sawari Kala… Read More »

क्या कीमत है एक बार “राम” नाम जपने की ? धार्मिक कहानी

हिन्दू धर्म के अनुसार सभी जातक अपने-अपने पाप और पुण्य के आधार पर सुख और दुःख पाते है | सदा अच्छे कर्म करने के साथ-साथ भगवान का नाम लेने वाले जातक सदा सुखमय जीवन व्यतीत करते है व अपने अगले जन्म में भी अच्छी योनी को प्राप्त करते है, इसके विपरीत सदा वासना में लीन रहने वाले, दूसरों… Read More »

क्या है भगवान शिव की तीसरी आँख का रहस्य ?

देवों के देव महादेव कहे जाने वाले भगवान शिव जितनी जल्दी प्रसन्न होकर अपने भक्तों का उद्धार करते है वहीं उनका क्रोध भी सभी देवों से प्रचंड है | जहाँ सभी देवों को प्रसन्न करने हेतु बड़े – बड़े अनुष्ठान किये जाते है वहीं भगवान शिव शिवलिंग पर जल चढ़ाने मात्र से प्रसन्न होकर अपने भक्तों का कल्याण… Read More »