माँ कात्यायनी देवी मंत्र जप विधि – शीघ्र विवाह के लिए करें इस मंत्र के जप

By | September 10, 2018

प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि उसका विवाह समय पर हो ताकि उसका वंश आगे बढ़ सके और जीवन में सभी प्रकार से सुखों की प्राप्ति हो | लेकिन सभी के साथ ऐसा नहीं होता | बहुत से जातक ऐसे होते है जिनका विवाह समय पर नहीं होता और वे भिन्न-भिन्न प्रकार से विवाह के योग बनाने हेतु सदैव प्रयत्नशील रहते है | समय पर विवाह न होने के पीछे बहुत से कारण हो सकते है जैसे कुंडली के दोष – ग्रहों की कमजोर स्थिति या फिर नक्षत्र दोष | आज हम आपको माँ कात्यायनी देवी(Katyayani Mantra) के एक ऐसे मंत्र के विषय में जानकारी देने वाले है जिसके नियमित जप से आपके विवाह में आने वाली सभी अड़चने शीघ्र दूर होकर विवाह के योग बनने लगते है |

Maa Katyayani Mantra : 

katyayani mantra in hindi

 

माँ कात्यायनी देवी मंत्र : –

माँ शक्ति के नवदुर्गा स्वरूपों में माँ कात्यायनी देवी को छटा रूप माना गया है | माँ कात्यायनी देवी के आशीर्वाद से विवाह के योग बनते है साथ ही वैवाहिक जीवन में भी खुशियाँ प्राप्त होती है | आइये जानते है माँ कात्यायनी देवी के प्रभावशाली मंत्र के विषय में : –

|| ॐ ह्रीं क्लीं कात्यायने नमः ||

Katyayani Mantra Jap Vidhi : 

माँ कात्यायनी मंत्र जप विधि : –

पूर्व दिशा की तरफ एक चौकी पर माँ कात्यायनी देवी की फोटो की स्थापना करें | सामने एक घी का दीपक प्रज्वल्लित करें और धुप आदि लगाये | एक लौटा जल का भरकर रखे | अब एक आसन बिछाकर सामने बैठ जाए | दायें हाथ में जल लेकर संकल्प ले | संकल्प इस प्रकार ले : – हे परमपिता परमेश्वर मैं (अपना नाम बोले ) गोत्र(अपना गोत्र बोले) अपने शीघ्र विवाह के लिए माँ कात्यायनी देवी के इस मंत्र का जप कर रहा हूँ इसमें मुझे सफलता प्रदान करें, ऐसा कहते हुए जल को नीचे जमीन पर छोड़ दे और बोले ॐ श्री विष्णवे नमः – ॐ श्री विष्णवे नमः – ॐ श्री विष्णवे नमः |

संकल्प लेने के पश्चात् एक माला अपने गुरु के नाम से जपे, फिर एक माला – ॐ श्री गणेशाय नमः इस मंत्र की जपे | इसके बाद माँ कात्यायनी देवी के उपरोक्त मन्त्र की कम से कम 3 माला या फिर इससे अधिक आप जितना भी जप कर सके, मंत्र जप करें | मंत्र जप के पश्चात् फिर से हाथ में जल लेकर इस प्रकार बोले – हे परमपिता, मैंने ये शीघ्र विवाह के लिए माँ कात्यायनी देवी के यह जो मन्त्र जप किये है इन्हें मैं अपने कार्य की पूर्णता हेतु श्री ब्रह्म को अर्पित करता हूं, ऐसा कहते हुए हाथ के जल को नीचे जमीन पर छोड़ दे | अब फिर से 3 बार बोले ॐ श्री विष्णवे नमः | अब आप अपना आसन का एक कोना थोड़ा मोड़ कर खड़े हो जाये (Katyayani Mantra)|

मंत्र जप में ध्यान देने योग्य कुछ बातें : –

  • प्रतिदिन ठीक एक समय पर ही मंत्र जप करें |
  • जितनी माला का जप आप प्रथम दिन करते है, प्रतिदिन उतनी ही माला का जप करें | कभी कम या कभी ज्यादा ऐसा न करें |
  • मंत्र जप में सुबह सवा का समय निश्चित करें |
  • माला को गोमुखी में रखकर ही मन्त्र जप करें |

इस प्रकार नियमित रूप से यह मंत्र जप आप 41 दिन तक करें | 41 दिन तक इस प्रकार मंत्र(Katyayani Mantra) जप करने से आपके विवाह के योग बनने लगेंगे और वैवाहिक जीवन में सफलता प्राप्त होगी |