अप्सरा साधना विधि एवं लाभ | अप्सरा साधना से होती है जातक की सभी इच्छाएं पूर्ण

By | May 21, 2018

भगवान ने मनुष्य को हाथ-पैर और बुद्धि के साथ-साथ सीमित शाक्तियाँ ही प्रदान की है किन्तु इस बुद्धि का प्रयोग ठीक प्रकार से किया जाये तो यह मनुष्य को असीमित शक्तियों का मालिक बनाने के साथ-साथ स्वयं भगवान को जानने व उसे प्राप्त करने का मार्ग भी प्रदर्शित करती है | अध्यात्म की द्रष्टि से एक जातक का प्रमुख लक्ष्य धर्म का अनुसरण करते हुए अपने दायित्वों का निर्वाह कर मोक्ष की प्राप्ति करना है | धार्मिक द्रष्टि से साधना/(Apsara Sadhana Vidhi Mantra) का बहुत अधिक महत्व है | एक जातक को अद्भुत शक्तियों का मालिक बनाने में व सभी सुखों से परिपूर्ण करने में दैविक साधना चमत्कारिक परिणाम देती है |

apsara sadhana vidhi mantra

Apsara Sadhana Vidhi Mantra

अप्सरा साधना :-

हिन्दू धरम में बहुत सी ऐसी चमत्कारिक साधनाओं का विवरण मिलता है जिन्हें सिद्ध करने पर जातक बहुत सी चमत्कारिक शक्तियों का मालिक बन सकता है | अप्सरा साधना भी चमत्कारिक साधनाओं में से एक है जो ‘ आकर्षक व्यक्तित्व ‘ की चाह रखने वाले जातक की इच्छा को पूर्ण करती है | अप्सरा साधना में सफलता प्राप्त करने वाला जातक : सौंदर्य, रूप , यौवन व आकर्षण आदि स्वाभाविक रूप से प्राप्त कर लेता है | प्रेम संबंध में विफलता, विवाह में विलम्ब व भोग की प्राप्ति में भी अप्सरा साधना करना फलदायी माना गया है |

अप्सरा स्वर्गलोक की वे सुंदरियाँ है जो इंद्रदेव के दरबार में नृत्य कला व गायन करने के साथ-साथ इंद्रदेव के आदेश अनुसार समय-समय पर ऋषियों-मुनियों की तपस्या को अपने मोह जाल द्वारा भंग करने का कार्य भी करती रही है | और इसी कारण उन्हें समय-समय पर ऋषियों द्वारा श्राप का भाजन भी बनना पड़ा है | धर्म शास्त्रों में बहुत सी अप्सराओं का विवरण मिलता है जिनमें : घृताची, रंभा , उर्वशी, तिलोत्तमा, मेनका और कुंडा को प्रमुख माना गया है | उर्वशी अप्सरा को सबसे शक्तिशाली माना गया है व इसे सिद्ध करना थोडा कठिन भी है |

अप्सराएँ भी स्वयं में एक दैवीय शक्ति ही होती है जो जातक की हर इच्छा को पूर्ण कर सकती है | अप्सरा साधना पूर्ण होने पर ये प्रत्यक्ष रूप से जातक को दर्शन देती है व उसके अनुरूप उसकी सभी इच्छाओं की तृप्ति भी करती है | अप्सरा साधना को सिद्ध करने वाला जातक रूप,सौंदर्य, कला में तो स्वतः ही पारंगत हो जाता है इसके साथ ही अप्सरा उसकी सभी मनोकामना को भी पूर्ण करती है |

धर्म पुराणों के अनुसार अप्सरा साधना/(Apsara Sadhana Vidhi Mantra) सरल और अतिशीघ्र फल देने वाली साधना है | किन्तु वास्तविक द्रष्टि से देखा जाये तो साधना चाहे कोई भी हो उसमें सिद्धि प्राप्त करने में जातक को बड़ी-बड़ी परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है | अप्सरा साधना में भी जातक की साधना को भंग करने के बार-बार प्रयास किये जाते है और अधिकांश जातक जरा सी भय की अनुभूति होते ही साधना को छोड़ देता है |

पूर्ण विश्वास, द्रढ़ संकल्प, एकाग्रता व योग्य गुरु का मार्गदर्शन ही साधना में सफल होने की कुंजी है | इसलिए किसी भी साधना को शुरू करने से पूर्व इन सभी बातों को जीवन में अपनाएँ व उसके पश्चात् ही साधना प्रारंभ करें |

किसी भी साधना को शुरू करने से लेकर पूर्ण करने तक एक साधू-संत की भांति जीवन व्यतीत करना चाहिए | इस दौरान अपनी इच्छाओं और वासनाओं पर नियंत्रण रखना जरुरी होता है |

Apsara Sadhana Vidhi Mantra

अप्सरा साधना विधि :-

घर में किसी एकांत कमरे का चुनाव करें | अब इस कमरे में पूर्व दिशा की ओर एक चौकी की स्थापना कर इस पर लाल वस्त्र बिछाएं | अप्सरा का चित्र इस चौकी पर स्थापित करें | इस चित्र पर फूलों का हार पहनाएं | अब आप चौकी के सामने आसन बिछाकर बैठ जाए | घी का दीपक जलाएं, पंचमेवा का प्रसाद रखे, एक लौटे में जल भरकर रखे |

मंत्र इस प्रकार है :-

” ॐ रं क्षं रंभे आगच्छ आगच्छ क्षं रं ॐ नमः “

हाथ में जल लेकर पहले संकल्प ले और फिर मंत्र जप शुरू करें | इस साधना में मंत्र जप की कोई सीमा नहीं है | इसलिए अपने सामर्थ्य अनुसार प्रतिदिन समान मात्रा में मंत्र जप करें | मंत्र जप के लिए स्फटिक की माला का प्रयोग करें | इस प्रकार सात दिनों तक इस कार्य को करने से अप्सरा प्रत्यक्ष रूप से जातक के सामने प्रकट होती है | उस समय जातक को अप्सरा के गले में गुलाब के फूलों की माला पहनाकर उसे अपने साथ रहने का वचन ले लेना चाहिए |

अन्य जानकारियाँ :-

अप्सरा साधना/(Apsara Sadhana Vidhi Mantra) शुरू करने से पहले ध्यान दे, आप जिस रूप में अप्सरा की आराधना करते है वह उसी रूप में आपको दर्शन देती है | अप्सरा साधना माँ रूप में, बहन के रूप में या पत्नी के रूप में की जा सकती है |