काल भैरव मंत्र साधना | काल भैरव मंत्र को सिद्ध करने की सरल व संशिप्त विधि |

By | December 24, 2017

भगवान शिव के रूद्र रूप कहे जाने वाले भैरव जी को वर्तमान समय में काल भैरव और बटुक भैरव के रूप में अधिक पूजा जाता है | जहाँ भैरव जी को बटुक भैरव के रूप में सौम्य और सात्विक माना गया है | वहीं काल भैरव के रूप में भैरव जी को उग्र और सभी तंत्र क्रियाओं के प्रमुख देव के रूप में पूजा जाता है | यहाँ इस post में हम आपको काल भैरव के मंत्र को सिद्ध करने की सरल व संशिप्त विधि के विषय में जानकारी देने वाले है | काल भैरव मंत्र साधना/Kaal Bhairav Mantra Sadhna आपके सभी दुखों को दूर कर आपको सभी प्रकार के सुख-सम्रद्धि से परिपूर्ण करने वाली है |

kaal bhairav mantra sadhna

काल भैरव उपासना : –

कलियुग के समय में काल भैरव की उपासना शीघ्र फल प्रदान करने वाली है | शास्त्रों में वर्णित है कि कलियुग के समय में भैरव जी , हनुमान जी व माँ काली की उपासना अन्य सभी देवों से शीघ्र फल प्रदान करने वाली होगी | काल भैरव/Kaal Bhairav के भक्त अपनी-अपनी श्रद्धा अनुसार उनकी उपासना करते है | आइये जानते है काल भैरव को प्रसन्न करने हेतु उनके भक्त किस प्रकार से उनकी पूजा करते है :

  • काल भैरव/Kaal Bhairav की उपासना में रविवार का दिन अति शुभ माना गया है | इसके अतिरिक्त उनकी उपासना शनिवार के दिन भी की जा सकती है |
  • काले कुत्ते को काल भैरव का वाहन कहा गया है | इसलिए शनिवार के दिन काले कुत्ते को गुलगुले बनाकर खिलाने से भी भैरव शीघ्र प्रसन्न होते है |
  • कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को काल भैरव अष्टमी के नाम से जाना जाता है | शास्त्रों के अनुसार भैरव का जन्म इसी अष्टमी को हुआ | इस दिन भैरव उपासना करने से जीवन में आने वाले सभी कष्ट दूर होते है | भैरव अष्टमी के दिन भैरव मंदिर में उनके दर्शन अवश्य करने चाहिए |
  • काल भैरव मंत्र साधना व उनके विशेष पूजा-पाठ को रात्रि में संपन्न करने का विधान है |
  • काल भैरव को उनके मंदिर में सरसों का तेल व सिन्दूर चढ़ाया जाता है साथ में मदिरा द्वारा भोग भी लगाया जाता है |

काल भैरव मंत्र साधना /Kaal Bhairav Mantra Sadhna :-

काल भैरव मंत्र/Kaal Bhairav Mantra :-

” ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम: “

साधना विधि : – रविवार की रात से इस काल भैरव साधना की शुरुआत करें | रात्रि को एक समय और एक स्थान सुनिश्चित कर प्रतिदिन मंत्र जप का द्रढ़ संकल्प लेकर अपनी साधना शुरू करें

पूर्व दिशा में एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर काल भैरव की फोटो की स्थापना  करें | ईशान कोण में सरसों के तेल का दीपक जलाये | और सामने लाल आसन बिछाकर बैठ जाये | अब आप हाथ में थोडा जल लेकर संकल्प ले व मंत्र जप शुरू करें | 41 दिन तक लगातार इस साधना को करें | 41 दिनों के पश्चात् जितने मंत्र जप आपने इन दिनों में किये है उनके दशांश भाग से आहुति देकर हवन करें |

मंत्र साधना व मंत्र सिद्ध करने की विधि के विषय में जानने के लिए आप इस post को पूरा पढ़े :- मंत्र सिद्धि कैसे करें ?

♣ बटुक भैरव मंत्र साधना | भैरव मंत्र सिद्धि 

साधना व मंत्र सिद्धि में ध्यान देने योग्य जरुरी बातें ♣

काल भैरव मंत्र साधना/Kaal Bhairav Mantra Sadhna करने वाले साधक से सभी पीडाएं – बाधाएं व  सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां दूर होने लगती है | इस साधना को करने वाला साधक सभी प्रकार के सांसारिक दुखों से छुटकारा पाता है | भारत में काशी व उज्जैन में काल भैरव/Kaal Bhairav का सिद्ध स्थान है जहाँ भैरव अष्टमी को भैरव जी के दर्शन करना धार्मिक द्रष्टि से बहुत महत्व रखता है |

 

 

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