Tag Archives: bhairav aradhna

भैरव के साथ में काला कुकुर(कुत्ता) क्यों ?

भैरव का अर्थ है भय का नाश करने वाला ! जब किसी भी अन्य साधनों के द्वारा मनुष्य का जीवन सुखमय नहीं हो, तब भैरव को प्रसन्न करने पर उसे चमत्कारी फल मिलने लगता है | शत्रुओं के भय का नाम भैरव है | परन्तु आपने देखा होगा भैरव के साथ में एक काला कुकुर(Bhairav ki Sawari Kala… Read More »

भैरव तांत्रिक यंत्र | घर में स्थापित करें सिद्ध भैरव तांत्रिक यंत्र और पायें सभी शत्रुओं और ऊपरी बाधाओं से मुक्ति

तंत्र विद्या के सबसे बड़े देव भैरव की आराधना शीघ्र फल देने वाली है | भैरव अपने भक्तों की पाठ-पूजा से अतिशीघ्र प्रसन्न होकर उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते है | अधिकतर तांत्रिक, तंत्र विद्या में सिद्धियाँ प्राप्त करने के लिए काल भैरव की तंत्र पूजा करते है | बहुत से प्रसिद्द तांत्रिकों ने काल भैरव उपासना से… Read More »

सम्पूर्ण भैरव चालीसा पाठ | भैरव की विशेष कृपा प्राप्ति हेतु भैरव चालीसा का पाठ अवश्य करें

भगवान शिव के पाँचवे अवतार कहे जाने वाले बाबा भैरव को महाकाल और बटुक भैरव के नाम से भी जाना जाता है | यूँ तो भैरव के 12 स्वरुप है जिनमें से कुछ को स्वाभाव से सौम्य और कुछ को उग्र माना गया है, काल भैरव भी भैरव के उग्र स्वरूपों में से एक है | यहाँ इस… Read More »

काल भैरव अष्टकं मंत्र | शत्रुओं से छुटकारा,भूत-प्रेत और ऊपरी बाधा में प्रभावशाली मंत्र

भगवान शिव के रूद्र रूप कहे जाने वाले भैरव को उग्र और सौम्य दोनों रूपों में पूजा जाता है | बाल भैरव व बटुक भैरव के रूप में जहाँ भैरव सभी सुख-सम्रद्धि देने के साथ-साथ अपने भक्तों का कल्याण करते है वहीं काल भैरव/Kala Bhairava के रूप में भैरव को उग्र माना गया है | इस रूप में… Read More »

काल भैरव मंत्र साधना | काल भैरव मंत्र को सिद्ध करने की सरल व संशिप्त विधि |

भगवान शिव के रूद्र रूप कहे जाने वाले भैरव जी को वर्तमान समय में काल भैरव और बटुक भैरव के रूप में अधिक पूजा जाता है | जहाँ भैरव जी को बटुक भैरव के रूप में सौम्य और सात्विक माना गया है | वहीं काल भैरव के रूप में भैरव जी को उग्र और सभी तंत्र क्रियाओं के… Read More »

भैरव जी के 12 स्वरुप | ग्रहस्थ जीवन में करें भैरव जी के इन 3 रूपों की आराधना |

हिन्दू धरम में देवता का स्वरुप चाहे कोई भी हो आराधक के मन में जो एक बार छवि बैठ जाती है फिर जीवन भर वह उस छवि को बदल नहीं पाता | जैसे : भक्त सूरदास जी कृष्ण भगवान के बाल रूप के ही उपासक रहे थे | उसी रूप की वे उपासना करते रहे | कोई -कोई… Read More »