काल भैरव अष्टकं मंत्र | शत्रुओं से छुटकारा,भूत-प्रेत और ऊपरी बाधा में प्रभावशाली मंत्र

By | January 18, 2018

भगवान शिव के रूद्र रूप कहे जाने वाले भैरव को उग्र और सौम्य दोनों रूपों में पूजा जाता है | बाल भैरव व बटुक भैरव के रूप में जहाँ भैरव सभी सुख-सम्रद्धि देने के साथ-साथ अपने भक्तों का कल्याण करते है वहीं काल भैरव/Kala Bhairava के रूप में भैरव को उग्र माना गया है | इस रूप में उनकी पूजा-आराधना से हर प्रकार के शत्रुओं, घर से भूत-प्रेत और ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है | घर से भूत-प्रेत और ऊपरी बाधाओं को दूर करने में भैरव अष्टकं का पाठ शीघ्र परिणाम देता है किन्तु भैरव अष्टकं का पाठ करना आपके लिए थोडा कठिन हो सकता है | इसलिए आज हम आपको भैरव अष्टकं के एक शक्तिशाली मंत्र(Kala Bhairava Mantra Hindi) के विषय में जानकारी देने वाले है | इस मंत्र के नियमित जप से आप भैरव अष्टकं के समान ही फल प्राप्त करते है और काल भैरव की कृपा आप पर सदैव बनी रहती है |

kala bhairava mantra hindi

Kala Bhairava Mantra Hindi

काल भैरव अष्टकं मंत्र :-

भूतसंघ नायकं विशाल कीर्तिदायकम्

काशी वास लोक पूण्य पाप शोधकंविभुम

नीतिमार्ग कोविदं पुरातनं जगत्पतिम्

काशिका पुराधिनाथ काल भैरवं भजे || 

जप विधि :-  भैरव अष्टकं के इस मंत्र का जप आप नियमित रूप से कम से कम 5 या 7 बार मौखिक रूप से कर सकते है | मंत्र जप में माला आदि के प्रयोग की आवश्यकता नहीं है |मंत्र के जप पूजा के समय, रात्रि में सोते समय या सुबह उठते ही कर सकते है | मंत्र के अंत में जहाँ  काल भैरवं भजे ये 3 शब्द आते है मंत्र पूरा होने पर इन तीन शब्दों को 3 बार अलग से बोले | मंत्र का उच्चारण किस प्रकार से करना है इसके लिए आप नीचे दिए गये विडियो को पूरा देखे |

अन्य जानकारियाँ :- 

भैरव अष्टकं के इस मंत्र(Kala Bhairava Mantra Hindi) के नियमित जप से आपके शत्रु स्वयं ही परास्त होने लगते है | आपके घर से हर प्रकार की नकारात्मक शाक्तियाँ दूर होने लगती है | भूत-प्रेत, डाकिनी-शाकिनी व जिन्न बाधा सभी से मुक्ति मिलती है | काल भैरव/Kala Bhairava की विशेष कृपा आप पर और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे इसके लिए आप सप्ताह में एक दिन सम्पूर्ण भैरव अष्टकं का पाठ अवश्य करें |

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